मनुष्य को जीवन की परिस्थिति जन्मकुण्डली या हस्तरेखा के माध्यम से जानकारी मिल सकती है, हथेली में ग्रह स्थिति अनुकूल है तो उसके अनुसार हम प्रयास कर सफल हो सकते हैं वहीं कुछ नकारात्मक घटनाएं के संकेत हैं तो पहले ही सचेत होकर संभल सकते हैं जिससे होने वाली घटनाएं का असर कम होता है या नहीं होता है। हथेली में कई तरह के चिन्ह पाए जाते हैं। जो आपके पूरे जीवन की स्थिति जाहिर कर सकते हैं आपकी आर्थिक स्थिति क्या है, आपकी नौकरी कैसी रहेगी, आप जीवन में कितने सफल हो सकते हैं इन सब बातों का जबाव आपके हाथों से जाना जा सकता है, हथेली में त्रिशूल क्या बताता आपके हाथों से जाना जा सकता है। आज हथेली में स्थित त्रिशूल चिन्ह की जानकारी देने की कोशिश कर रहा हूँ, हथेली में त्रिशूल क्या बताता है ये जानें
शनि पर्वत एवं भाग्य रेखा पर त्रिशूल का होना हथेली में भाग्य रेखा -- पर या शनि पर्वत पर त्रिशुल का होना जातक / जातिका व्यापारिक क्षेत्र में सफल या नौकरी में वरिष्ठ पद प्राप्त कर सकते हैं, सूर्य रेखा अच्छी हो जीवन सुखी – संपन्नता से भरपुरा होता है, ऐसे लोग चरित्रवान होते हैं हमेशा दूसरों का भला चाहने वाले। इन्हें समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है, ऐसे लोग एक सलाहकार के रूप ख्याति प्राप्त करते हैं।
हृदय रेखा पर त्रिशूल होना ऐसे लोग अत्यंत भावुक होते हैं। इन्हें धोखे भी मिलते हैं ऐसे लोग मेहनती होते हैं इन्हें मेहनत के अनुरूप सफलता नहीं मिलता इन्हें किसी से तारीफ भी नहीं मिलती। पारिवारिक जीवन में भी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इनकी जमीन जायदाद का विवाद झेलना होता है, इनकी संपत्ति कोई हड़प भी लेता है।
सूर्य रेखा या सूर्य पर्वत पर त्रिशूल होना ऐसे जातक / जातिका जीवन अच्छा भरपूर आराम के जीवन व्यतीत करते हैं, समाज में मान – सम्मान की प्राप्ति होती और धन की कमी नही होती। आय के कई मार्ग होते हैं, एक जगह से पैसा आना बंद हो जाए तो कई अन्य रास्तों से इनके पास पैसे आते रहते हैं। x.com
त्रिशूल का उल्टा होना - इनके जीवन में संघर्षों की स्थिति होती है, इनके जीवन में संघर्ष करते रहना होता है, ऐसे लोग अपनी नौकरी या व्यापार में कई तरह के संकट का सामना करते हैं। ये त्रिशूल सूर्य रेखा पर हो और सूर्य रेखा खंडित हो तो जातक / जातिका का पूरा जीवन ही संघर्षमय हो सकता है।
हथेली के अंगुलियों पर त्रिशूल का होना -- हथेली अंगुलियों की दिशा में त्रिशूल बना हो तो यह शुभ फलदायी है, ये कई तरह से लाभ दे सकता है। लेकिन अगर त्रिशूल अंगुलियों के विपरित दिशा यानी उल्टा बन रहा अशुभ फलदायी है। ऐसा त्रिशूल किसी भी प्रकार का लाभ नहीं दे सकता।
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