7 Tweets 618 reads Aug 17, 2023
Save this ancient Nirvana Shatkam With Hindi Meaning
निर्वाण का अर्थ है मोक्ष या मुक्ति
निर्वाण षट्कम “मैं कौन हूँ?” - आदि शंकराचार्य
यदि हम निर्वाण षट्कम को रोज पढ़े तो हमें इस बात का बोध होने लगेगा की हमारा वास्तविक स्वरुप क्या है.
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यह आदि शंकराचार्य द्वारा लिखा गया था और यह सबसे प्रभावी और शक्तिशाली मंत्रों में से एक है .
इस मंत्र का मूल भाव यह है कि मैं किसी भी चीज से बंधा नहीं हूं, चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक. मैं शिव हूं.
दिन में एक बार निर्वाण शतकम् का जाप और श्रवण आपके चारों ओर बेहद सकारात्मक ऊर्जा…

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