बकरीद पर हर साल करोड़ो जानवरो को मारा जाता है , लेकिन इसकी शुरुआत कैसे हुई –
अल्लाह के अनेक पैगंबर थे उन्हीं में से एक प्रमुख पैगम्बर था अब्राहम / इब्राहिम , जिसने अल्लाह से एक बेटा मांगा और अल्लाह ने उसे बेटा दे दिया।
Reference – Quran 37 : 100 – 101 x.com
अल्लाह के अनेक पैगंबर थे उन्हीं में से एक प्रमुख पैगम्बर था अब्राहम / इब्राहिम , जिसने अल्लाह से एक बेटा मांगा और अल्लाह ने उसे बेटा दे दिया।
Reference – Quran 37 : 100 – 101 x.com
जब वह लड़का बड़ा हुआ तो अब्राहम ने उससे कहा की “ बेटे मैने सपने में देखा है की मुझे तुझे जरूर कुर्बान करना पड़ेगा यानि तुझे मारना पड़ेगा तब लडके ने कहा की “ अल्लाह ने जैसा आदेश दिया है वैसा करो ”
Reference – Quran 37 : 102 x.com
Reference – Quran 37 : 102 x.com
इब्राहिम अपने बेटे को मारने के लिए तैयार हो गया और कुर्बानी के लिए उसे लेटा दिया तभी अल्लाह की ओर से उसके फरिश्तों ने आवाज दी " ओ इब्राहिम " x.com
अल्लाह की ओर से फरिश्तों ने कहा –
“ ये अल्लाह की ओर से तेरी परीक्षा थी जिसमे तू सफल हुआ तूने अपना सपना सच कर दिया तू अल्लाह के लिए अपने बेटे को मारने के लिए तैयार हो गया ” x.com
“ ये अल्लाह की ओर से तेरी परीक्षा थी जिसमे तू सफल हुआ तूने अपना सपना सच कर दिया तू अल्लाह के लिए अपने बेटे को मारने के लिए तैयार हो गया ” x.com
तब अल्लाह ने उसके बेटे की जगह एक मैंडा कुर्बानी के लिए भेज दिया जिसे इब्राहिम ने मारकर कुर्बानी दी।
Reference – Quran 37 : 107 x.com
Reference – Quran 37 : 107 x.com
तो अब मुसलमानों से प्रश्न है की –
क्या तुम अपने प्यारे बेटे की कुर्बानी देने को तैयार हो ?
अगर तुम तैयार हो तो अपने बेटे को कुर्बानी के लिए तैयार करो अगर तुम्हारा ईमान सच्चा है तो अल्लाह ऐन मौके पर तुम्हारे लिए भी एक मैंडा भेज देगा जिससे तुम्हारा बेटा बच जाएगा।
क्या तुम अपने प्यारे बेटे की कुर्बानी देने को तैयार हो ?
अगर तुम तैयार हो तो अपने बेटे को कुर्बानी के लिए तैयार करो अगर तुम्हारा ईमान सच्चा है तो अल्लाह ऐन मौके पर तुम्हारे लिए भी एक मैंडा भेज देगा जिससे तुम्हारा बेटा बच जाएगा।
अगर अल्लाह ने आसमान से फरिश्तों के साथ तुम्हारे लिए मेंडा ना भेजा तो समझ लेना की या तो तुम्हारे ईमान में कमी है या सातवे आसमान तक सिग्नल नहीं पहुंच रहे है।
Better Luck Next Time
Better Luck Next Time
करोड़ो निर्दोष जीवो का खून बहाकर त्योहार नहीं मनाए जाते बल्कि अपने राक्षसी प्रवृति की उदर पूर्ति होती है।
अफसोस तो तब होता है जब लोग इसे अमन , शांति , प्रेम और त्याग का त्योहार कहते है।
शायद उनके लिए इन शब्दों की कोई और परिभाषा होगी।
#SayNoAnimalSacrifice
अफसोस तो तब होता है जब लोग इसे अमन , शांति , प्रेम और त्याग का त्योहार कहते है।
शायद उनके लिए इन शब्दों की कोई और परिभाषा होगी।
#SayNoAnimalSacrifice
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