#Thread “अरे बुढिया, तू यहाँ न आया कर, तेरा बेटा तो चोर-डाकू था, इसलिए गोरों ने उसे मार दिया, जंगल में लकड़ी बीन रही एक मैली सी धोती में लिपटी बुजुर्ग महिला से वहां खड़े भील ने हंसते हुए कहा।”
चंद्रशेखर आज़ाद की माताश्री की प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी। उस महान माँ की 2-3 फुट की मूर्ति के लिए देश में 5 फुट जमीन भी ना मिली जिसके लिए आज़ाद ने अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था।
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