Dheer singh pundir (धीरवाणी)
Dheer singh pundir (धीरवाणी)

@dheersen

24 Tweets 25 reads Mar 22, 2022
#The_Kashmir_Files कथानक की समीक्षा-
1984 से दिसम्बर 2 दिसम्बर 1989 तक राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे--
18 जनवरी 1990 तक फारुख अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री रहा।।
1/23
कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार और उनके पलायन की पृष्ठभूमि 1984-1990 के बीच ही तैयार हुईं, इसके लिये राजीव गांधी व फारुख अब्दुल्ला ही सर्वाधिक दोषी थे।
2 दिसम्बर 1989 को केंद्र में वीपी सिंह की सरकार बनी, जिसे बाहर से भाजपा का समर्थन भी प्राप्त था।
2/23
फारुख अब्दुल्ला द्वारा जानबूझकर 18 जनवरी 1990 को त्यागपत्र दे दिया गया और लंदन भाग गया क्योंकि उसे कश्मीरी पंडितों पर हमलों की तथा अलगाववादी संगठनों के सब षडयंत्र की जानकारी थी और उसकी स्वयं की मिलीभगत भी उसमें थी।
3/23
उसके अगले ही दिन 19 जनवरी 1990 को जगमोहन ने राज्यपाल के रूप में जम्मू कश्मीर में शासन संभाला।
ठीक उसी दिन 19 जनवरी से ही बड़े पैमाने पर कश्मीरी पंडितों का पलायन शुरू हुआ।
4/23
1989 में मुफ़्ती मौहम्मद सईद को यूपी के मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से जनता दल द्वारा चुनाव लड़ाया गया, भाजपा गठबंधन में शामिल थी,
5/23
👇
किसान संगठनों व जाट नेताओं के समर्थन से मुफ़्ती मौहम्मद सईद मुजफ्फरनगर सांसद बना और संदिग्ध पृष्ठभूमि होने के बावजूद वीपी सिंह सरकार में उसे गृहमंत्री बनाया गया!!
6/23
👇
दिसम्बर 1989 में गृहमंत्री रहते हुए मुफ़्ती मौहम्मद सईद की बेटी के अपहरण का नाटक हुआ जिसके बाद जेकेएलएफ के दुर्दांत आतंकवादियों को रिहा कर दिया गया !!
7/23
👇
भयानक अत्याचार, हत्याओं, धमकियों के कारण 19 जनवरी 1990 से कश्मीरी पंडितों का पलायन शुरू हुआ, कई महीनों चलता रहा, पर इस मुद्दे पर भाजपा ने तत्कालीन केंद्र सरकार से समर्थन वापिस नही लिया!!
8/23
👇
दर्जनों कश्मीरी पंडितों को मारने वाला आतंकी फारुख अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे भी मुस्लिम पंडित ही था,
कश्मीर को नर्क बनाने वाला दोगला शेख अब्दुल्ला व फारुख अब्दुल्ला खानदान भी कश्मीरी पंडित ही था।
9/23
👇
कश्मीर से देशभक्त महाराजा को अपदस्थ कर सत्ता दोगले शेख अब्दुल्ला को सौंपने वाले प्रधानमंत्री नेहरू भी कश्मीरी पंडित थे,
व कश्मीर में पंडितों के पलायन के लिये परिस्थिति तैयार होने के दोषी राजीव गांधी भी नेहरू खानदान से ही थे।
10/23
👇
कश्मीर मे पंडितो के विरुद्ध भयानक अत्याचार हुए, यह सत्य है पर महाराजा हरिसिंह के विरुद्ध नेहरू को कश्मीरी पंडितो के बड़े वर्ग का समर्थन प्राप्त था और कश्मीरी पंडित भी शुरू में अपनी विशिष्ट संस्कृति व विशेषाधिकार सुरक्षित रखने के लिये कश्मीर में धारा 370 के समर्थक थे।
11/23
👇
The Kashmir Files मूवी में जेएनयू की जिस प्रोफेसर राधिका मेनन को वैचारिक आतंकवाद फैलाते दिखाया , यह किरदार असल मे JNU में पॉलिटिकल साइंस पढ़ाने वाली प्रोफेसर 'निवेदिता तिवारी' पर आधारित है।
12/23
👇
1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन में भाजपा आज फारुख अब्दुल्ला की तत्कालीन राज्य सरकार पर आरोप लगाती है ,वहीं फारुख अब्दुल्ला इसके लिये तत्कालीन राज्यपाल जगमोहन को दोषी ठहराते हैं लेकिन कितने हैरत की बात है कि ___
👇👇
13/23
"1999 में जब फारुख अब्दुल्ला भाजपा के समर्थन से एनडीए के घटक के रूप में जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री था तब उसी समय जगमोहन केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री थे" मतलब दोनो विरोधी महज 9 साल में ही एक पाले में आ गए थे!!
14/23
👇
कमाल की बात है कि The Kashmir Files मूवी में तत्कालीन राज्यपाल जगमोहन का किरदार दिखाया ही नही गया, कुछ लोग उनकी भूमिका को सराहते हैं तो विरोधी उन्हें पंडितों के पलायन व उनपर हमले रोकने में नाकाम मानकर उनकी आलोचना करते हैं!
15/23
👇
शायद इस मूवी के निर्देशक व स्क्रिप्ट लेखक भी जगमोहन की सकारात्मक भूमिका को लेकर आश्वस्त नही थे तभी उन्होंने इस सबसे महत्वपूर्ण किरदार को ही फ़िल्म से गायब कर दिया।
@vivekagnihotri
16/23
👇
जिस मुफ़्ती मौहम्मद सईद पर केंद्रीय गृहमंत्री होने के बावजूद कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार व उनका पलायन न रोक पाने और उसकी बेटी के फर्जी अपहरण मामले में आतंकवादियों को छोड़ने के आरोप लगे,
बाद में उसे भी एनडीए गठबंधन में शामिल कर जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री बनवा दिया गया!
17/23
The Kashmir Files फ़िल्म औसत से अच्छी है ,जरूर देखनी चाहिये, कल हमने भी देख ली।
भविष्य में देश के कई हिस्सो में हिंदुओ के विरुद्ध इन लोमहर्षक घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है, मुस्लिम जनसंख्या विस्फोट से देश के कई हिस्सों में जनसंख्या संतुलन बिगड़ चुका है,
18/23
👇
कश्मीर जैसा ही भावी विनाश रोकने के लिये अभी से जनसंख्या नियंत्रण कानून व अन्य योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वित करना बेहद जरूरी है।
19/23
👇
फ़िल्म बढ़िया है, पर वास्तव में अधूरा सच ही दिखाती है, वास्तविकता यह है कि कश्मीर घाटी में पंडितों पर अत्याचार और उनके पलायन के प्रकरण में सभी राजनैतिक दल हमाम में सभी नँगे हैं।
20/23
In my humble opinion, the focus of the movie was not to showcase the atrocities but to weave a narrative that Pandits were an India loving people and had a pan-indic view of civilization and their self image was cast in that frame, which is patently false .
Kushagra sengar
21/23
कुछ मिथ्या नैरेटिव का खंडन करने का प्रयास करते हुए फ़िल्म खुद कुछ फर्जी नैरेटिव गढ़ने का प्रयास करती है और उसमें सफल भी हो रही है।
22/23
भविष्य में कश्मीर घाटी जैसे ही हालात वेस्ट यूपी, बिहार के सीमांचल, केरल, असम, राजस्थान के बाड़मेर-जैसलमेर, शेखावाटी ,बंगाल आदि में भी उतपन्न हो सकते है,
भयानक जनसंख्या विस्फोट से जनसंख्या संतुलन बदल चुका है।
मोदी जी 8 साल हो गए, कब लाएंगे जनसंख्या नियंत्रण कानून??
23/23
उपरोक्त thread फेसबुक से कॉपी पेस्ट 👆

Loading suggestions...