#Rajput
यह बात तबकी है जब
औरंगज़ेब ने समस्त वैष्णव मन्दिरों को तोड़ने का आदेश दिया ।
मथुरा के श्रीनाथ जी मंदिर के पुजारी श्री कृष्ण की मूर्ति लेकर राजस्थान की ओर निकल गए ।
। पुजारी मेवाड़ की भूमि पर #महाराणा_राजसिंह जी के पास गए ।🙏+1/2👇
यह बात तबकी है जब
औरंगज़ेब ने समस्त वैष्णव मन्दिरों को तोड़ने का आदेश दिया ।
मथुरा के श्रीनाथ जी मंदिर के पुजारी श्री कृष्ण की मूर्ति लेकर राजस्थान की ओर निकल गए ।
। पुजारी मेवाड़ की भूमि पर #महाराणा_राजसिंह जी के पास गए ।🙏+1/2👇
एक क्षण के विलम्ब के बिना राज सिंह जी ने यह कहा -
“ जब तक मेरे एक लाख राजपूतों का सर नहीं कट जाए , आलमगीर तब तक भगवान की मूर्ति को हाथ नहीं लगा सकता । आपको मेवाड़ में जो स्थान जंचे चुन लीजिए , मैं स्वयं आकर मूर्ति स्थापित करूँगा । +1/3👇
“ जब तक मेरे एक लाख राजपूतों का सर नहीं कट जाए , आलमगीर तब तक भगवान की मूर्ति को हाथ नहीं लगा सकता । आपको मेवाड़ में जो स्थान जंचे चुन लीजिए , मैं स्वयं आकर मूर्ति स्थापित करूँगा । +1/3👇
मेवाड़ के ग्राम सिहाड़ में श्रीनाथ जी की प्रतिष्ठा धूमधाम से हुई , जिसमें स्वयं राज सिंह पधारे ।
आज जो प्रसिद्ध नाथद्वारा तीर्थस्थल है , वह सिहाड़ ग्राम ही है ।
औरंग ने राज सिंह जी को पत्र लिखा कि श्रीनाथ जी की मूर्ति को शरण दी तो युद्ध होगा ।+1/4👇
आज जो प्रसिद्ध नाथद्वारा तीर्थस्थल है , वह सिहाड़ ग्राम ही है ।
औरंग ने राज सिंह जी को पत्र लिखा कि श्रीनाथ जी की मूर्ति को शरण दी तो युद्ध होगा ।+1/4👇
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