#क्षत्रिय_सम्राट_पोरस
हिमाचल राज्य के कांगड़ा में स्थित कांगड़ा किले का इतिहास में आपको पहले ही बता चुका हूं यह वंश और यह किला महाभारत के समय का है इसी वंश में सम्राट पोरस का जन्म होता है हालांकि उनका नाम पोरस नहीं था लेकिन आज हम उन्हें पोरस नाम से जानते हैं +1👇
राजा पोरस का असली नाम परमानंद कटोच था
अलेक्जेंड्रा से युद्ध के युद्ध के बाद अलेक्जेंड्रा ने उन्हें पोरस नाम से नवाजा था इसीलिए आज हम उन्हें पोरस नाम से जानते हैं और वह इसी नाम से प्रसिद्ध है इतिहासकारों और उन्हीं के वंश के वंशजों जुबानी+2👇
इस बात की पुष्टि खुद गवर्नमेंट ऑफ इंडिया करती है परमानंद कटोच जी ही पोरस नाम से बाद में फेमस हुए और उन्हें हम आज पोरस नाम से ही जानते हैं +3👇
The history of कांगड़ा मैं भी इस बात की पुष्टि की गई है war between Alexendra and porus में जो पोरस उनसे लड़े थे वह परमानंद कटोच जी थे उन्हें ही पोरस नाम से अलेक्जेंड्रा ने नवाजा था और बाद में वह इसी नाम से फेमस हुए और आज भी फेमस है +4👇
कांगड़ा का किला भारत के सभी किलो से पुराना माना जाता है यह कब बना इसकी पुष्टि आज तक नहीं कोई कर पाया है इसे महाभारत से भी पहले के समय का बताया जाता है और इसका निर्माण कटोच राजपूत डायनेस्टी द्वारा करवाया गया था +5👇
इसी वंश के राजाओं द्वारा पाकिस्तान में कटोच गढ़ नामक किला बनाया गया था 800&1000 B.c मैं जिसे आज पाकिस्तान में मुल्तान फोर्ट् नाम से जाना जाता है इस बात की पुष्टि खुद पाकिस्तान गवर्नमेंट करती है सम्राट पोरस एक महान क्षत्रिय योद्धा थे उनको लेकर के समाज और देश में अफवाह ना फैलाएं 🙏